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TCS का गेम ओवर? कर्मचारियों ने खोला राज़

5.5 साल बर्बाद, सैलरी भी घटी: Tata Consultancy Services कर्मचारी की चौंकाने वाली हकीकत

आईटी इंडस्ट्री में एक खतरनाक भ्रम है—“समय अपने आप सब ठीक कर देगा।” हाल ही में सामने आई यह कहानी इसी भ्रम का नतीजा है। एक TCS कर्मचारी, जिसने 2020 में करियर शुरू किया, 5.5 साल बाद न आगे बढ़ा, न सैलरी बढ़ी—बल्कि उल्टा घट गई।


शुरुआत ही कमजोर थी

2020 में Java Developer के तौर पर जॉइनिंग हुई। इन-हैंड सैलरी करीब 25,000 रुपये। शुरुआत से ही पैकेज औसत से नीचे था, लेकिन तब यह सोचकर नजरअंदाज कर दिया गया कि “बड़ी कंपनी है, आगे सब ठीक हो जाएगा।” यही पहली और सबसे महंगी गलती थी।

समय बीता, लेकिन ग्रोथ शून्य रही

साल गुजरते रहे, लेकिन स्किल अपग्रेड, प्रोजेक्ट ownership और measurable impact—कुछ भी मजबूत नहीं हुआ। नतीजा साफ था:

  • परफॉर्मेंस रेटिंग कमजोर

  • प्रमोशन नहीं

  • इन्क्रीमेंट रुकता गया

2026 तक पहुंचते-पहुंचते इन-हैंड सैलरी घटकर लगभग 22,800 रुपये रह गई—यानी शुरुआत से भी कम। यह “growth” नहीं, सीधा पतन है।

PIP: आखिरी चेतावनी भी बेअसर

स्थिति इतनी खराब हुई कि कर्मचारी को Performance Improvement Plan पर डाल दिया गया। PIP आमतौर पर आखिरी मौका होता है—या तो तेज सुधार, या बाहर का रास्ता। बाद में प्रोजेक्ट मिला और Java Backend में अपस्किलिंग की गई, लेकिन तब तक नुकसान हो चुका था। वर्षों की कमजोर ट्रैक-रिकॉर्ड एक स्याह दाग बन चुकी थी।

जॉब स्विच: दरवाजे बंद क्यों हुए

यहां असली झटका लगा। टेक्निकल राउंड क्लियर हो जाते, लेकिन HR राउंड में वही सवाल—
इतने सालों बाद सैलरी इतनी कम क्यों है?
इतना अनुभव होकर भी ग्रोथ क्यों नहीं दिखती?

कम सैलरी स्लिप, कमजोर रेटिंग और लंबा stagnation—तीनों मिलकर प्रोफाइल को रेड फ्लैग बना देते हैं। ऑफर वहीं रुक जाते हैं।

1. बड़ी कंपनी सुरक्षा नहीं देती

ब्रांड नाम आपको बचा नहीं सकता, अगर आपकी परफॉर्मेंस और स्किल कमजोर हैं।

2. समय बिना स्किल के जहर है

हर साल जो बिना सीख के गुजरता है, वह अनुभव नहीं—देरी है।

3. खराब रेटिंग करियर को लॉक कर देती है

एक बार ट्रैक-रिकॉर्ड गिरा, तो प्रमोशन, इन्क्रीमेंट और स्विच—तीनों मुश्किल हो जाते हैं।

4. HR सच्चाई देखता है, बहाने नहीं

“अब सीख लिया” तब काम नहीं करता, जब पिछला इतिहास सालों तक खराब रहा हो।

कड़वी लेकिन जरूरी सीख

  • अगर 2–3 साल में ग्रोथ नहीं दिख रही, तो समस्या कंपनी नहीं—रणनीति है

  • कम सैलरी को लंबे समय तक सहना भविष्य को कमजोर करता है

  • PIP तक पहुंचना अलार्म है, सलाह नहीं

  • देर से जागना अक्सर बहुत महंगा पड़ता है


यह कहानी मोटिवेशन नहीं, चेतावनी है। आईटी करियर में सबसे बड़ा खतरा आलस्य और “चल जाएगा” वाली सोच है। अगर आप समय रहते स्किल, परफॉर्मेंस और दिशा नहीं बदलते, तो सालों की मेहनत भी सैलरी घटने जैसी शर्मनाक स्थिति में बदल सकती है। 

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