Cupid Ltd के शेयरों ने 13 दिनों की लगातार तेजी के बाद 2 जनवरी 2026 को 20% का “लोअर सर्किट” लगाया, यानी कीमत एक साथ 20% तक गिर गई और फिर और नीचे नहीं खुल सकी। यह गिरावट अचानक आई और शेयर की तेजी रुक गई।
शेयर कब और क्यों गिरा?
Cupid के शेयरों में यह गिरावट लॉन्ग-टर्म ASM फ्रेमवर्क (Long-term Additional Surveillance Measure) में स्टॉक को रखने के कारण आई। एनएसई (NSE) ने 1 जनवरी 2026 को एक सर्कुलर जारी किया, जिसमें कहा गया कि इस शेयर को अतिरिक्त निगरानी के दायरे में रखा गया है और 6 जनवरी से 100% मार्जिन रूटीन लागू किया जाएगा।
इसका मतलब है कि अब ट्रेडिंग में निवेशकों को 100% मार्जिन देना होगा, यानी पूरे पैसे पहले से जमा करने होंगे — कोई उधार या कम मार्जिन से ट्रेडिंग संभव नहीं होगी। इसका मकसद कट्टर तनाव और अस्थिरता वाले शेयरों में जमकर सट्टा (speculation) होने से रोकना है। इस नियम से ऐसे शेयरों में अचानक बड़ी कीमत की चालों को रोकने में मदद मिलती है।
Cupid कौन सी कंपनी है?
Cupid Ltd एक ऐसा कंपनी है जो मेल और फीमेल कंडोम, वॉटर-बेस्ड लुब्रिकेंट जेली और IVD (in-vitro diagnostic) किट्स बनाती और सप्लाई करती है। कंपनी की उत्पादन क्षमता काफी बड़ी है — जैसे प्रति वर्ष 480 मिलियन मेल कंडोम, 52 मिलियन फीमेल कंडोम और 210 मिलियन लुब्रिकेंट पाउच।
क्या शेयर इतनी तेजी से ऊपर उठे थे?
हाँ — पिछले एक साल में Cupid के शेयरों का रिटर्न बहुत ही शानदार रहा है। शेयर लगभग 550% तक ऊपर चढ़ा, जो कि निवेशकों को भारी लाभ दे रहा था। इस उछाल के कई कारण माने जाते हैं:
कंपनी की कमाई बढ़ी।
कंपनी ने वैश्विक विस्तार के इरादे दिखाए।
प्रमोटर्स ने गिरवी रखी हुई हिस्सेदारी (pledge) घटाई — जो निवेशकों के भरोसे के लिए सकारात्मक संकेत है। सितंबर 2025 में प्रमोटर्स की गिरवी हिस्सेदारी 36.13% थी, जो घटकर लगभग 20% रह गई।
इन सब से यह लगता था कि कंपनी मजबूत वित्तीय स्थिति और विकास की तरफ तेज़ी से बढ़ रही है।
किन वजहों से अब गिरावट आई?
विश्लेषकों के अनुसार, Cupid के शेयर में भारी तेजी के बाद नफा बुकिंग (profit booking) शुरू हो गई — यानी बड़े निवेशक/ट्रेडर अपने मुनाफे को लॉक करने के लिए बेच रहे थे। ऐसा नीचे दिए कारणों से हुआ:
🔹 पिछले एक साल की शानदार तेजी के बाद शेयर अत्यधिक मूल्यांकन (high valuation) पर पहुंच गया था।
🔹 लोअर सर्किट लगा होने से ट्रेडर्स बेचने के लिए मजबूर हुए।
🔹 ASM निगरानी में रखा जाना भी बेचने का दबाव बढ़ाता है क्योंकि मार्जिन जरूरतें बढ़ जाती हैं।
🔹 शेयर 20-डे EMA (एक तकनीकी संकेत) से नीचे ट्रेड कर रहा था, जो अल्पकालिक कमजोरी दिखाता है।
तकनीकी समर्थन और प्रतिरोध स्तर
विश्लेषकों ने आगे यह भी कहा कि शेयर में महत्वपूर्ण तकनीकी स्तर हैं:
📍 सपोर्ट बिन्दु: लगभग ₹370 — अगर यह स्तर टूटता है तो गिरावट जारी रह सकती है।
📍 प्रतिरोध (Resistance): लगभग ₹445 — इसके ऊपर जाने पर फिर तेजी की संभावना बन सकती है।
इसलिए स्टॉक में अभी नई पोजीशन लेने से पहले सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है। कई विशेषज्ञ चाहते हैं कि शेयर थोड़ी संतुलन (consolidation) दिखाए — यानी ₹370 से ₹400 के बीच कुछ समय तक ट्रेड करे — फिर निवेशक आगे रणनीति बना सकते हैं।
लॉन्ग-टर्म निवेशकों के लिए क्या मायने रखता है?
लंबे समय के निवेशकों को यह समझना जरूरी है कि:
ASM फ्रेमवर्क में रखा जाना एक स्ट्रक्चरल बदलाव है, जिससे सट्टा गतिविधि कम होती है।
कम प्रमोटर प्लेज़्ड हिस्सेदारी निवेशकों का भरोसा बढ़ा सकती है।
कंपनी के व्यवसायिक विस्तार जैसे सऊदी अरब में नई फैक्ट्री स्थापित करने की योजनाएं भी दीर्घकालिक दृष्टिकोण उपयोगी हो सकती हैं — हालांकि इसके लिए अभी अंतिम मंज़ूरी व कार्यान्वयन का इंतज़ार है।
निष्कर्ष — आगे क्या संभावनाएँ हैं?
👉 शॉर्ट-टर्म (ट्रेडिंग):
ASM और मार्जिन नियम के कारण उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।
उच्च मूल्य स्तर पर बेचने का दबाव बढ़ा हुआ है।
👉 मध्यम/लॉन्ग-टर्म (Holding):
कंपनी के बिजनेस मॉडल और विस्तार योजनाएँ सकारात्मक संकेत हैं, लेकिन निवेशकों को आगे बाजार की रणनीति, कंपनी के परिणाम और शेयर की कीमत के तकनीकी स्तर पर ध्यान देना रहेगा।
👉 सावधानी: तेजी से ऊपर आए स्टॉक्स में गिरावट जल्दी आ सकती है, इसलिए लगातार निगरानी और स्पष्ट निवेश योजना रखना जरूरी है।

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