SIP क्या है और क्यों है यह फायदेमंद?
SIP म्यूचुअल फंड या अन्य निवेश योजनाओं में हर महीने एक निश्चित राशि निवेश करने का प्लान है। यह रुपये की औसत लागत (Rupee Cost Averaging) का फायदा देता है, मतलब बाजार नीचे हो या ऊपर, आपका निवेश औसतन सही रहता है। लंबी अवधि में, जैसे 15 साल, SIP कंपाउंडिंग की वजह से बड़ा फंड बना सकता है। इक्विटी म्यूचुअल फंड में औसतन 10-15% सालाना रिटर्न मिल सकता है, जो बैंक FD से कहीं बेहतर है।
15 साल में ₹50 लाख बनाने के लिए कितनी मासिक SIP चाहिए?
₹50 लाख का लक्ष्य हासिल करने के लिए मासिक SIP की राशि रिटर्न रेट पर निर्भर करती है। हमने यहां तीन आम रिटर्न रेट्स (10%, 12%, और 15%) के आधार पर कैलकुलेशन किया है। ये अनुमानित हैं और बाजार जोखिम पर निर्भर करते हैं। कैलकुलेशन SIP फ्यूचर वैल्यू फॉर्मूला पर आधारित है।
| अपेक्षित सालाना रिटर्न | मासिक SIP राशि (₹) | कुल निवेश (₹) | कुल रिटर्न (₹) |
|---|---|---|---|
| 10% | 12,064 | 21,71,520 | 28,28,480 |
| 12% | 10,008 | 18,01,440 | 31,98,560 |
| 15% | 7,479 | 13,46,220 | 36,53,780 |
नोट: ये गणना मासिक कंपाउंडिंग पर आधारित है। वास्तविक रिटर्न बाजार पर निर्भर करेगा। कुल निवेश = मासिक SIP × 180 महीने (15 साल)। कुल रिटर्न = ₹50 लाख - कुल निवेश।
अगर आप 12% रिटर्न मानें (जो इक्विटी फंड्स में आम है), तो हर महीने सिर्फ ₹10,000 की SIP से आप 15 साल में ₹50 लाख बना सकते हैं। शुरूआत जितनी जल्दी करें, उतना बेहतर!
बड़ा रिटर्न देने वाला फॉर्मूला: कंपाउंड इंटरेस्ट का जादू
बड़ा रिटर्न पाने का मुख्य फॉर्मूला है कंपाउंडिंग (Compound Interest)। SIP में यह फॉर्मूला काम करता है:
SIP फ्यूचर वैल्यू (FV) = P × [((1 + r)^n - 1) / r]
- P: मासिक SIP राशि
- r: मासिक रिटर्न रेट (सालाना रेट / 12)
- n: कुल महीने (15 × 12 = 180)
उदाहरण: अगर r = 12% सालाना (मासिक 1%), P = ₹10,000, n = 180, तो FV लगभग ₹50 लाख आएगा।
यह फॉर्मूला बड़ा रिटर्न इसलिए देता है क्योंकि आपका रिटर्न खुद पर रिटर्न कमाता है। मतलब, पहले साल का रिटर्न दूसरे साल बढ़ता है, और ऐसे ही चलता रहता है। 15 साल की लंबी अवधि में कंपाउंडिंग आपका पैसा कई गुना बढ़ा सकती है। अगर आप हाई रिटर्न वाले इक्विटी फंड चुनें, जैसे लार्ज कैप या मिड कैप फंड, तो 15% तक रिटर्न संभव है।
SIP से ₹50 लाख बनाने के टिप्स
- जल्दी शुरू करें: समय कंपाउंडिंग का सबसे बड़ा दोस्त है। 20-30 साल की उम्र में शुरू करें तो कम SIP से बड़ा फंड बन सकता है।
- रिस्क मैनेजमेंट: इक्विटी फंड्स में जोखिम है, इसलिए डाइवर्सिफाई करें। 50% इक्विटी, 30% डेब्ट, 20% गोल्ड जैसा पोर्टफोलियो बनाएं।
- स्टेप-अप SIP: हर साल SIP राशि 10-15% बढ़ाएं। इससे लक्ष्य जल्दी हासिल होगा।
- टैक्स बचत: ELSS फंड्स से SIP करें तो सेक्शन 80C के तहत टैक्स बचत भी मिलेगी।
- ट्रैक करें: साल में एक बार रिव्यू करें और जरूरत पड़ने पर फंड स्विच करें। ऐप्स जैसे Groww या Zerodha से आसानी से मॉनिटर करें।
- इन्फ्लेशन पर ध्यान: ₹50 लाख आज की वैल्यू है, लेकिन 15 साल बाद इन्फ्लेशन से कम लग सकती है। इसलिए लक्ष्य को 6-7% इन्फ्लेशन रेट से एडजस्ट करें।
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